Madhushala

Madhushala by harivansh rai bachchan in Hindi pdf free download
 auther :- Harivansh rai bachchan
file size :- 130Kb
language :- Hindi
Type :- लेखकानुसार(a-z)
मधुशाला पहलीबार सन 1935 में प्रकाशित हुई थी। कवि सम्मेलनों में मधुशाला की रूबाइयों के पाठ से हरिवंश राय बच्चन को काफी प्रसिद्धि मिली. मधुशाला खूब बिकी. हरसाल उसके दो-तीन संस्करण छपते गए. मधुशाला की हर रूबाई मधुशाला शब्द से समाप्त होती है. हरिवंश राय ‘बच्चन’ ने मधु, मदिरा, हाला (शराब), साकी (शराब पड़ोसने वाली), प्याला (कप या ग्लास), मधुशाला और मदिरालय की मदद से जीवन की जटिलताओं के विश्लेषण का प्रयास किया है. मधुशाला जब पहलीबार प्रकाशित हुई तो शराब की प्रशंसा के लिए कई लोगों ने उनकी आलोचना की. बच्चन की आत्मकथा के अनुसार, महात्मा गांधी ने मधुशाला का पाठ सुनकर कहा कि मधुशाला की आलोचना ठीक नहीं है।

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